15 जनवरी से उत्तरायण होगा सूर्य, शुरू होगा देवताओं का दिन

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उज्जैन। धर्म ग्रंथों के अनुसार सूर्य एक सौर वर्ष (365 दिन) में क्रमानुसार 12 राशियों में भ्रमण करता है। जब सूर्य किसी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्रांति कहते हैं। जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। सूर्य का मकर राशि में जाना बहुत ही शुभ माना जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति से ही देवताओं का दिन शुरू होता है, जिसे उत्तरायण कहते हैं। इस बार मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को होने से उत्तरायण भी इसी दिन से माना जाएगा।
है उत्तरायण, जानिए
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य 30-31 दिनों में राशि परिवर्तन करता है। कर्क व मकर राशि में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। यह प्रवेश क्रिया छ:-छः माह के अंतराल पर होती है। भारत उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है अर्थात भारत से दूर होता है। इस समय सूर्य दक्षिणायन होता है। इसी कारण यहां रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है, किंतु मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है। इसे उत्तरायण कहते हैं। इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैंं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होता है तथा रात्रि छोटी होने से अंधकार।

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